1. Hindi News
  2. झारखण्ड
  3. बिजली गुल होने पर टॉर्च की रोशनी में स्वास्थ्य सहिया का कराया गया प्रसव, मां-नवजात दोनों की मौत

बिजली गुल होने पर टॉर्च की रोशनी में स्वास्थ्य सहिया का कराया गया प्रसव, मां-नवजात दोनों की मौत

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : May 03, 2026 12:25 pm IST,  Updated : May 03, 2026 12:29 pm IST

सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल होने पर मोबाइल की टॉर्च जलाकर एक महिला का प्रसव कराया गया। इस लापरवाही के कारण स्वास्थ्य सहिया और उसके नवजात शिशु दोनों की मौत हो गई।

विनीता बानरा और उसके नवजात शिशु की मौत- India TV Hindi
विनीता बानरा और उसके नवजात शिशु की मौत Image Source : REPORTER INPUT

झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में बिजली गुल होने और डॉक्टरों की गैर-मौजूदगी के बीच, मोबाइल की टॉर्च जलाकर एक महिला का प्रसव कराया गया। इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि एक स्वास्थ्य सहिया और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई।

क्या है पूरा मामला?

मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी विनीता बानरा के रूप में हुई है। विनीता खुद एक स्वास्थ्य सहिया थी, जो दूसरों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूक करती थी, लेकिन विडंबना देखिए कि खुद तंत्र की लापरवाही का शिकार हो गई। प्रसव के समय अस्पताल में बिजली नहीं थी और बैकअप की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

परिजनों का दावा है कि प्रसव के दौरान कोई भी डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं था, नर्सों ने अकेले ही कमान संभाली। जब स्थिति बिगड़ी, तब नर्सें मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर इलाज करने की कोशिश कर रही थीं।

मृतका के पति का आरोप? 

मृतका के पति दुर्गाचरण बानरा ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ती गई, नर्स ने डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि समय रहते मरीज को किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना उचित प्रक्रिया के जल्दबाजी में शव को घर भेज दिया।

वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर कुंकल ने सफाई देते हुए कहा कि मामला "पोस्टपार्टम हेमरेज" (प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव) का था, जो एक गंभीर और जानलेवा स्थिति होती है। प्रसूता की हालत पहले से ही बेहद नाजुक थी और चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

(रिपोर्ट- गंगाधर पांडे)

ये भी पढ़ें-

"हिंदू हो या मुसलमान, सबके लिए पेट्रोल-डीजल का भाव एक समान", नितिन गडकरी ने ऐसा क्यों कहा?

कहीं आंधी, कहीं बारिश... दिल्ली-NCR में बारिश का अलर्ट, जानें अन्य राज्यों का हाल

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। झारखण्ड से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।